श्रावस्ती जिले में एक अधिवक्ता और उनके परिवार पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में वकीलों ने लामबंद होकर प्रदर्शन किया। घटना इकौना थाना क्षेत्र के तंदवा महंत गांव की है, जहाँ दबंगों द्वारा अधिवक्ता के परिजनों के साथ मारपीट और बदसलूकी की गई। इस घटना से जिले के विधिक समुदाय में भारी रोष व्याप्त है। वकीलों ने काम-काज ठप कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
जानकारी के अनुसार, तंदवा महंत गांव निवासी अधिवक्ता के परिवार का स्थानीय दबंगों से किसी बात को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। आरोप है कि इसी रंजिश में योजनाबद्ध तरीके से आरोपियों ने अधिवक्ता के घर पर हमला बोल दिया। इस दौरान न केवल पुरुषों बल्कि महिलाओं और बच्चों के साथ भी अभद्रता की गई, जिससे कई लोग चोटिल हुए हैं। अधिवक्ता संघ का आरोप है कि घटना की सूचना समय पर देने के बावजूद पुलिस ने शुरुआती दौर में हीला-हवाली की और आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराएं लगाने में आनाकानी की।
विरोध प्रदर्शन के दौरान बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने दो-टूक कहा कि अगर अधिवक्ताओं और उनके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। वकीलों ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करते हुए मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और उन पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की जाए जिन्होंने मामले को दबाने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब कानून के रखवालों के परिवार ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा।
पुलिस प्रशासन ने वकीलों के बढ़ते दबाव और मामले की गंभीरता को देखते हुए आश्वासन दिया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस के अनुसार, कुछ नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उनकी धरपकड़ के लिए दबिश दी जा रही है। गांव में फिर से कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए सावधानी बरती जा रही है। फिलहाल, वकीलों के विरोध के चलते न्यायिक कार्यों पर आंशिक असर पड़ा है। अधिवक्ता संघ ने चेतावनी दी है कि जब तक मुख्य आरोपियों को जेल नहीं भेजा जाता, उनका विरोध जारी रहेगा।