नई दिल्ली: दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर पुराने रिश्तों और नई कड़वाहटों की चर्चा तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के मुख्यालय के बाहर मशहूर कवि और पूर्व आप नेता कुमार विश्वास की 'राम कथा' के पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों ने राजनीतिक गलियारों में कई तरह के कयासों को जन्म दे दिया है।
कुमार विश्वास की राम कथा के पोस्टर ठीक उसी जगह लगाए गए हैं जहाँ से आम आदमी पार्टी अपना कामकाज संचालित करती है।कुमार विश्वास कभी आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक थे, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से उनके और पार्टी नेतृत्व (विशेषकर अरविंद केजरीवाल) के बीच कड़वाहट जगजाहिर है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आप दफ्तर के बाहर ये पोस्टर लगाना केवल धार्मिक आयोजन का प्रचार नहीं, बल्कि एक तरह का 'पॉलिटिकल मैसेज' भी हो सकता है।
कुमार विश्वास पिछले कुछ समय से 'अपने-अपने राम' नाम से राम कथा के कार्यक्रम कर रहे हैं, जो युवाओं और सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हैं। दिल्ली में होने वाला यह कार्यक्रम भी इसी कड़ी का हिस्सा है। हालांकि, पार्टी दफ्तर के सामने इसे प्रमोट करना आप कार्यकर्ताओं को रास नहीं आ रहा है।
अभी तक आम आदमी पार्टी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन सोशल मीडिया पर समर्थकों के बीच इसे लेकर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इसे 'लोकतंत्र' बता रहे हैं, तो कुछ इसे 'जानबूझकर उकसाने वाली कार्रवाई' करार दे रहे हैं।