श्रावस्ती | उत्तरवर्ल्ड न्यूज डेस्क उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में स्थित श्रावस्ती जनपद में सोमवार को प्रकृति का दोहरा रूप देखने को मिला। पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और तपिश के बीच अचानक मौसम ने करवट ली और आसमान में काले बादलों के डेरे के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। इस बारिश से जहाँ आम जनता को चिलचिलाती गर्मी से बड़ी राहत मिली है, वहीं तेज आंधी और नमी ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।
सोमवार सुबह से ही उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा था, लेकिन दोपहर होते-होते ठंडी हवाओं के साथ झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया। तापमान में आई इस गिरावट से लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, आंधी के कारण कई जगहों पर पेड़ों की टहनियां गिरने और बिजली व्यवस्था बाधित होने की भी खबरें हैं। जिला प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की हिदायत दी है।
इस बेमौसम बारिश का असर खेती-किसानी पर मिश्रित देखा जा रहा है जिन किसानों ने मक्के की लेट वैरायटी लगाई है, उनके लिए यह बरसात 'अमृत' के समान है क्योंकि इससे फसलों की प्राकृतिक सिंचाई हो गई है। लेकिन, जिन किसानों की फसल पककर तैयार खड़ी है, उनके लिए तेज हवाएं मुसीबत बन सकती हैं। नमी बढ़ने से खड़ी फसल के खेतों में गिरने (Lodging) की आशंका बढ़ गई है।आम उत्पादकों के लिए यह आंधी बेहद नुकसानदायक मानी जा रही है। पेड़ों पर लगे छोटे फल (टिकोले) तेज हवा के कारण टूटकर गिर रहे हैं, जिससे बागवानों को भारी आर्थिक चोट लग सकती है।
आगामी 5 मई को जनपद में बड़ी संख्या में शादी-विवाह के कार्यक्रम निर्धारित हैं। सोमवार की इस बारिश ने उन परिवारों की नींद उड़ा दी है जिनके यहाँ कल मांगलिक आयोजन हैं। खुले मैदानों में की गई टेंट और साज-सज्जा की तैयारियां बारिश की वजह से प्रभावित हुई हैं। यदि मौसम का यही हाल रहा, तो आयोजकों को वैकल्पिक इंतजामों के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ेगी।
श्रावस्ती जिला प्रशासन ने मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए जनपदवासियों के लिए सुरक्षा गाइडलाइन जारी की है। प्रशासन ने अपील की है कि तेज बारिश और गरज-चमक के दौरान घरों के अंदर ही रहें। बारिश से बचने के लिए भूलकर भी हरे पेड़ों, बिजली के खंभों या ऊंचे टावरों के नीचे शरण न लें, क्योंकि यहाँ बिजली गिरने का सबसे अधिक खतरा होता है। कच्चे मकानों की तुलना में पक्के और सुरक्षित मकानों में ही रुकें।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों तक तराई के इलाकों में इसी तरह की आवाजाही बनी रह सकती है। 'उत्तरवर्ल्ड न्यूज' सभी पाठकों से अपील करता है कि खराब मौसम में सावधानी बरतें और सुरक्षित रहें।
ब्यूरो रिपोर्ट, उत्तरवर्ल्ड न्यूज
तराई की हर अपडेट, सबसे पहले यहाँ।